GANG OF WONDERLAND (part 4)
उस लड़के के चेहरे पर हैरत थी -''मिज़रा तुम वापस आ गयी ,कहाँ थी इतने दिनों से ,पता है हमने तुम्हे कहाँ कहाँ नहीं ढूँढा चलो यस्वी के पास कितनी खुश होगी वह तुम्हे देखकर |
''रुको मेरा नाम रमशा है मिज़रा नहीं और में किसी मिज़रा को नहीं जानती ,में तो यहाँ यह गेंद लेने आई थी मेने देखा यह जगह बहुत अद्भुत है तो मेने सोचा थोड़ा घूम लू माफ़ करना बिना इज़ाज़त के ऐसे घूम रही हूँ वैसे इस जगह का नाम क्या है ''-रमशा ने उस लड़के से पूछा जो अभी भी हैरत से उसे ही देख रहा था |
''मिज़रा में प्रिंस, यह वंडरलैंड, तुम्हारा वंडरलैंड, हमारा प्यारा वंडरलैंड क्या तुम जानती नहीं इस जगह को ,घर है हमारा ''-प्रिंस को अब भी यकीन नहीं आ रहा था कि वह मिज़रा नहीं रमशा है |
रमशा उसकी बातो से परेशान होकर बोली-''नहीं में तो यहाँ पहली बार आई हूँ लेकिन मेरी एक बात समझ में नहीं आ रही है वह जो तस्वीर है उसमे मेरी जैसी दिखने वाली लड़की कौन है जाहिर सी बात है में तो यहाँ पहली बार आई हु तो में तो हो नहीं सकती ................ ओह अच्छा अब मेरी समझ में आया वो क्या नाम ले रहे थे तुम मि........... हाँ मिज़रा ,मिज़रा भी बिलकुल मेरी जैसी दिखती होगी तभी तो तुम कंफ्यूज हो रहे हो |
''नहीं मिज़रा वह तुम ही हो तुम्हे कुछ याद क्यों नहीं है ''- प्रिंस दुखी लहज़े में बोला |
''अरे प्रिंस तुम यहाँ हो मेने तुम्हे सब जगह ढून्ढ लिया और तुम यहाँ गप्पे मार रहे हो और........... वह लड़की जिसका नाम यस्वी था रमशा को देखकर बोलते -बोलते रुकी उसकी आँखों में भी वही हैरत थी जो प्रिंस की आँखों में थी फिर सारी सिचुएशन समझ कर रमशा से बोली -''मेरा नाम यस्वी है प्रिंस की बहन, माफ़ करना रमशा प्रिंस को गलतफ़हमी हो गयी है क्योकि हमारी मिज़रा भी बिल्कुल तुम्हारी जैसी दिखती है ''|
''कोई बात नहीं यस्वी जब एक पल को में खुद कंफ्यूज हो सकती हूँ तो प्रिंस क्यों नहीं इट्स ओके इतने बड़े वंडरलैंड में इतनी छोटी छोटी confusion होती रहती है अब मुझे चलना चाहिए सब मेरी राह देख रहे होंगे ''-रमशा मुस्कुराते हुए बोली और वहाँ से चली गयी |

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