GANG OF WONDERLAND (part14)


 ''वे चमगादड़ उस दिशा में गए है हमे भी वहीं जाकर देखना होगा ''-प्रिंस ने उनसे कहा तो वे उसकी बात सुनकर उसके पीछे चलने लगे।
 चलते-चलते उन्हें रुकना पड़ा था क्योकि सामने बहुत सारे चमगादड़ थे और पास में नायाब और हनी बेहोश पड़े थे प्रिंस ने उन सबको छुपने का इशारा किया वे सब एक पत्थर के पीछे छुप गए। देखते ही देखते उन चमगादड़ ने इन्सान का रूप ले लिया वे इंसानो के रूप में भी इतने भयंकर दिख रहे थे कि इशिका की चीख निकल गयी अगर प्रिंस वक़्त पर उसके मुँह पर हाथ नहीं रखता तो सब चमगादड़ चौकन्ने हो जाते। 
''पागल हो गयी हो वे चमगादड़ हमे देख लेते तो हमे भी कैद कर लेते इसीलिए ऐसी कोई भी बेवकूफी मत करना जिससे हम पकडे जाये ''-प्रिंस ने अपना हाथ हटाते हुए धीरे से कहा। उन तीनो ने हां में गर्दन हिलाई। 
''आज सालो बाद मानव का शिकार मिला है बड़ा मज़ा आएगा इंसानो का खून पीने में ''-एक चमगादड़ बोला और उन दोनों की तरफ बढ़ने लगा। 
''नायब '' हनी ''में यहां बैठकर अपनी बहन और अपने दोस्त को मरते हुए नहीं देख सकता,में उन्हें बचाने जा रहा हूँ ''-आहम जाने के लिए खड़ा हुआ। 
''पागल मत बनो आहम , वे हमारे भी दोस्त है  हमे भी फ़िक्र है उनकी लेकिन हम उनसे ताक़त में नहीं जीत सकते इसीलिए हमे अक्ल से  काम लेना होगा ''-रमशा ने आगे बढ़कर उसे रोका था। 
''रमशा सही कह रही है वे सिर्फ चमगादड़ ही नहीं बल्कि वे दैत्य चमगादड़ है ''-प्रिंस अभी बोल ही रहा था कि पीछे से किसी की आहट आई। 
''और चार शिकार ,लगता है आज किस्मत मेहरबान है साथियो आज तो जम कर दावत होगी ''-पीछे से भयंकर आवाज़ गुंजी इससे पहले वे कुछ समझ पाते वे पकड़े चुके थे। 














 

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