GANG OF WONDERLAND (part15)


 ''छोड़ो हमे वरना तुम्हे पछताने का मौका भी नहीं मिलेगा ''-रमशा ने उनका ध्यान अपनी तरफ खींचा था।

''साथियो इस की ज़ुबान ज्यादा चल रही है ,सबसे पहले इसी का खून पियेंगे जब टे बोलेगी तब ही इसकी ज़बान रुकेगी ''-कहकर चमगादड़ उसकी तरफ बढ़ने लगे। 

''यह तो मिज़रा की तरफ बढ़ रहे है ,मुझे मिज़रा को बचाना होगा ''-प्रिंस खुद से बोला फिर चमगादड़ से कहा -''रुक जाओ उसको छोड़ दो अगर खून पीना ही है तो पहले मेरा पियो। 

''लगता है मरने की ज्यादा जल्दी है ;लेकिन तुम्हारी इच्छा भी पूरी करेंगे लेकिन पहले मरेगी तो यही लड़की ''-वे चमगादड़ फिर से रमशा की तरफ मुड़े,इससे पहले वे रमशा के करीब पहुँचते एक चमगादड़ वहां आया और अपने साथियो से बोला  -''मायावी चुड़ैल यह आ चुकी है हमे उनके स्वागत के लिए जाना होगा। 

''अच्छा है आज दावत में उनको इन इंसानो को परोसेंगे वह हमारी खिदमत से खुश हो जाएगी ''-दूसरा चमगादड़ बोला। 

''जाने से पहले इन्हे एक पिंजरे में बंद कर देता हूँ ताकि भागने की कोशिश ना करे ''-यह कहकर एक चमगादड़ ने जादू किया वहाँ एक पिंजरा आ गया और उन सबको उसमे कैद करके वहां से चले गए। 

''नायब ''हनी उठो ''-इशिका और आहम  ने झिंझोड़कर उनको होश में लाने की कोशिश की। कुछ पल बाद उन्हें होश आ गया था ,रमशा खड़ी कुछ सोच रही थी प्रिंस उससे बोला -''क्या सोच रही हो रमशा '' 

''आगे क्या होने वाला है यह सोच रही हूँ ''-रमशा ने उसकी तरफ देखते हुए कहा। 

'''मतलब''-उन सबने नासमझी की हालत में उसे देखा। 

''मतलब यह दैत्य ही सही, है तो चमगादड़ ही और चमगादड़ को रौशनी बर्दाश्त नहीं होती खासकर सूरज की ,और रौशनी में उन्हें कुछ नहीं दिखाई देता और वे कमज़ोर पड़ जाते है बस हमे उनकी इसी कमज़ोरी का फायदा उठाना है ''-रमशा ने उन्हें समझाया। 

''लेकिन रमशा हम किताब के अंदर है और यह अँधेरे की दुनिया है यहां हम सूरज की रौशनी कहाँ से लाएंगे ''-प्रिंस ने उससे पूछा। 






 

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