GANG OF WONDERLAND (part8)
''चुलबुल परी आपने हमे पुस्तकघर में क्यों बुलाया है ''-यस्वी और प्रिंस चुलबुल परी के बुलाने पर वहाँ आये थे।
''वह इसलिए प्रिंस,यह पुस्तक देख रहे हो ''-चुलबुल परी के हाथ में काफी बड़ी पुस्तक थी।
''यह तो बड़ी विचित्र पुस्तक है ,है क्या ऐसा इस पुस्तक में ''-यस्वी ने पुस्तक को देखते हुए कहा।
''यह कोई मामूली पुस्तक नहीं है यस्वी ,इस पुस्तक में एक पूरी दुनिया है बुराई की दुनिया ,जिसे रानी परी ने इस पुस्तक में कैद कर रखा है ''-चुलबुल परी ने उनको बताया।
''फिर तो हमे इस पुस्तक को किसी सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए जहाँ बुराई के हाथ इस तक पहुंच ना पाए ''-प्रिंस ने चिंता जताई।
''हाथ भी लग जाये तब भी कुछ नहीं कर सकती बुराई क्योकि उस बुराई की दुनिया को इस दुनिया में लाने के लिए इस पुस्तक में जाकर दोनों दुनिया के बीच का द्वार खोलना होगा जो कोई अच्छा और सच्चा बच्चा ही कर सकता है फिर भी हमे सावधानी बरतनी होगी इसलिए मेने इस पुस्तक को यह पुस्तकघर में रखा है क्योकि इतनी सारी पुस्तको में कोई इसे पहचान नहीं पायेगा। -चुलबुल परी ने पुस्तक को वहाँ रखते हुए कहा।
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''unbelieveable ,मुझे यकीन नहीं आ रहा ''-इशिका को रमशा की बातो पे यकीन नहीं आया यकीन तो आया किसी को भी नहीं था सब उसे आँखे फाडे देख रहे थे।
''तुम सब मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो में सच कह रही हूँ कि वंडरलैंड नाम की भी कोई जगह है मेने खुद अपनी आँखों से देखी है रुको यह देखो यह तुम्हे मामूली लगता है लेकिन है नहीं ''-रमशा ने अपने गले में से मोती निकल कर उन्हें दिखाया।
''अगर तुम जैसा कह रही हो अगर सच में ऐसा है तो वो जगह अब भी वहीँ होगी हमे वहाँ चलना चाहिए ''-नायब को कुछ कुछ उसपर यकीन हुआ।
''हां यह ठीक रहेगा हमे भी देखनी है रमशा तुम्हारे ख्वाबो की दुनिया ''-हनी ने मज़ाक उड़ाया
''हां हां क्यों नहीं कल को इसी वक़्त यही मिलना में तुम्हे वहा लेकर चलुगी। फिर वे सब अपने अपने घर चले गए
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''तुम्हे क्या लगता है चुलबुल परी तुम मुझसे यह पुस्तक छुपा लोगी ''-विनाश परी उन तीनो के वहाँ से जाने के बाद वहां आई थी।
अब यह पुस्तक खुलेगी भी और इसके अंदर छुपा तूफ़ान भी बाहर आएगा -हा -हा -हा -विनाश परी कहकर हंसी थी
''वाह विनाश परी मान गए आपकी बुराई को अब आएगा मज़ा ''-बड़बोले भी खुश था।
''अब हमे पृथ्वी लोक जाना होगा वही से किसी अच्छे और सच्चे बच्चे को बेवकूफ बना कर इस द्वार को खोलूँगी चलो अब
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