GANG OF WONDERLAND(part11)
''मिज़रा जीवित है असम्भव ,ऐसा नहीं हो सकता मैने खुद अपने हाथो से उसका अंत किया था ''-विनाश परी को अपनी आँखों पर जैसे यकीन नहीं आया।
''उन सब को बचाने के लिए मुझे भी इस बुक के अंदर जाना होगा ,अपने दोस्तों को बचाने के लिए मेरे पास बस एक यही रास्ता है ''-रमशा ने कहकर जैसे ही उस बुक पर हाथ रखा वह भी उसके अंदर समा गयी।
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''कितना सूना हो गया है हमारा वंडरलैंड प्रिंस ,पहले कितनी खुशहाली थी लेकिन अब लगता है सब रूठ गया हमसे ,पता नहीं मिज़रा की याददाश्त कब वापस आएगी और जेसमीन कब हमारे साथ होगी ?''-यस्वी उदास लहज़े में बोली।
''यस्वी मुझे अंदर ही अंदर बेचैनी हो रही है ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मिज़रा किसी मुसीबत में हो प्लीज तुम अपनी शक्ति से देखो ना कहीं वह सच में तो किसी मुसीबत में तो नहीं ''प्रिंस ने यस्वी से कहा।
''प्रिंस में नहीं देख पा रही हूँ मिज़रा जहाँ कहीं भी है मेरी दिव्य दृष्टि वहाँ तक नहीं पहुंच पा रही है ''-यस्वी ने अपनी बंद आँखे खोलते हुए कहा।
''यस्वी ऐसा करो तुम मोती से सम्पर्क करो मोती जहाँ भी होगा हम उस जगह को देख सकते है ''-प्रिंस ने यस्वी को सलाह दी।
''हां तुम सही कह रहे हो मोती से हम सम्पर्क कर सकते है ''- यस्वी ने कहकर जादू किया।
''रमशा हम बुक के अंदर आ तो गए लेकिन अब बाहर कैसे निकलेंगे ''-नायाब रो देने को थी।
''अरे यह मोती क्यों चमक रहा है ''-रमशा ने मोती को गले में से निकाला।
''मिज़रा ''-सामने यस्वी और प्रिंस थे। ''तुम दोनों ,इस मोती से विडिओ कॉल भी हो सकती है वाओ ,यह सब भी तुम्हे देखकर खुश होंगे अभी बताती हूँ ,उन्हें मुझपर यकीन नहीं आ रहा था अब तुम्हे देखेंगे तो मान जायेगे।
''नहीं मिज़........... मेरा मतलब रमशा वे हमे नहीं देख सकते और नहीं सुन सकते है केवल तुम ही हमे देख और सुन सकती हो तो इसीलिए मेरी बात ध्यान से सुनो यह बताओ तुम हो कहाँ ?''-यस्वी ने रमशा से कहा।
''हम किसी बुक के अंदर है प्लीज हमे बाहर निकलने में हमारी हेल्प करो ''-रमशा उन दोनों से बोली।
''किताब कहीं यस्वी यह वो किताब तो नहीं ''-प्रिंस यस्वी से बोला। ''हो सकता है प्रिंस फिलहाल हमे मिज़रा और उन बच्चो को बचाना होगा और वो द्वार भी नहीं खुलना चाहिए ''-यस्वी परेशान होकर बोली।
''रमशा अपना हाथ आगे करो और मोती को जाग्रित करो में वहाँ पहुंच जाउगा जहाँ तुम हो जल्दी करो ''-प्रिंस रमशा से बोला।
''लेकिन मोती को जाग्रित करते कैसे है ''-रमशा ने प्रिंस से पूछा।
''में यह कैसे भूल गया की मेरे सामने मिज़रा नहीं रमशा है ''-प्रिंस फुसफुसाया।
''तुमने कुछ कहा ''-रमशा ने भवे उचकाई।
''नहीं कुछ नहीं तुम अपना हाथ आगे करो और इतना सोचो की तुम मोती का इस्तेमाल कर रही हो मोती जाग्रित हो जायेगा। -प्रिंस ने उसे समझाया।

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